Gold Silver Price Today 1 May: सोना ₹2000 महंगा, चांदी में गिरावट, जानें 24K, 22K और 18K गोल्ड का भाव

1 मई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. जहां सोना करीब ₹2000 महंगा होकर निवेशकों और खरीदारों के लिए फिर से चर्चा का विषय बन गया, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक बाजार में लगातार बदलते हालात, डॉलर इंडेक्स की चाल,

और अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से कीमती धातुओं के दामों में यह हलचल देखने को मिली. शादी-ब्याह के सीजन और निवेश की नजर से सोने की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है, जबकि चांदी में दबाव का माहौल नजर आ रहा है.
सोना क्यों हुआ इतना महंगा
सोने की कीमतों में आई इस तेज बढ़त के पीछे कई वजहें हैं. सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड की बढ़ती मांग मानी जा रही है. जब भी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले एसेट्स से निकलकर सोने की ओर रुख करते हैं. इसके साथ ही डॉलर की कमजोरी भी सोने को सपोर्ट देती है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्यूचर और स्पॉट मार्केट दोनों में सोने के भाव में मजबूती देखी गई. वायदा बाजार में भी गोल्ड ने ऊंचे स्तर छुए, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें और ऊपर चली गईं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले दिनों में सोना और मजबूत हो सकता है.
चांदी में क्यों आई गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी का रुख कमजोर रहा. औद्योगिक मांग, अंतरराष्ट्रीय संकेतों और मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमतों पर दबाव बना. चांदी जहां एक ओर निवेश के लिए अहम मानी जाती है, वहीं दूसरी ओर इसका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी होता है. यही वजह है कि इसकी कीमतें सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखाती हैं.
1 मई को चांदी में गिरावट से उन खरीदारों को राहत मिल सकती है जो सिल्वर ज्वेलरी, सिक्के या निवेश के लिए चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं. हालांकि बाजार जानकारों का कहना है कि चांदी की चाल अभी भी अस्थिर रह सकती है, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा रेट चेक करना जरूरी है.
दिल्ली में आज का गोल्ड रेट
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 1 मई 2026 को सोने के दाम में तेजी देखने को मिली. ताजा रेट के मुताबिक 24 कैरेट सोना ₹15,081 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹13,825 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹11,317 प्रति ग्राम के आसपास दर्ज किया गया. अगर 10 ग्राम के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना ₹1,50,810, 22 कैरेट ₹1,38,250 और 18 कैरेट ₹1,13,170 के आसपास पहुंच गया.
इन रेट्स में शहरों के हिसाब से थोड़ा फर्क हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन, मेकिंग चार्ज और लोकल डिमांड के कारण कीमतें बदल जाती हैं. इसलिए यदि आप खरीदारी करने जा रहे हैं तो अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें.
24K, 22K और 18K में क्या है अंतर
सोना खरीदते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि कैरेट का फर्क समझना भी जरूरी है. 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है और इसमें किसी दूसरी धातु की मिलावट नहीं के बराबर होती है. यही वजह है कि 24K सोना आमतौर पर निवेश के लिए खरीदा जाता है, लेकिन इससे आभूषण कम बनाए जाते हैं क्योंकि यह बहुत नरम होता है.
22 कैरेट सोना ज्वेलरी के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. इसमें थोड़ी मात्रा में अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं, जिससे यह मजबूत बनता है. वहीं 18 कैरेट सोना और भी ज्यादा मजबूत होता है, लेकिन इसमें सोने की मात्रा कम होती है. इसलिए 18K का इस्तेमाल खासतौर पर डिजाइनर ज्वेलरी और फैशन ज्वेलरी में ज्यादा होता है.
शहर के हिसाब से क्यों बदलते हैं दाम
भारत में सोने-चांदी के दाम एक जैसे नहीं रहते. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर आना सामान्य है. इसकी वजह है स्थानीय टैक्स, हॉलमार्किंग फीस, ज्वेलर मार्जिन, और डिमांड-सप्लाई का फर्क.
उदाहरण के लिए, शादी के सीजन में जिन शहरों में ज्वेलरी की मांग ज्यादा होती है, वहां रेट थोड़े ऊपर जा सकते हैं. इसके अलावा आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर भी भारतीय बाजार पर पड़ता है. इसलिए किसी भी शहर में सोना खरीदने से पहले उस दिन का रेट चेक करना चाहिए.
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं
सोने की कीमतों में आई यह तेजी निवेशकों के लिए अहम संकेत देती है. अगर आपका पोर्टफोलियो अस्थिर बाजार से प्रभावित है, तो गोल्ड एक सुरक्षित विकल्प बन सकता है. सोना हमेशा से महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ एक मजबूत हेज माना गया है.
हालांकि निवेश से पहले यह समझना जरूरी है कि सोने की कीमतें कभी भी एक सी नहीं रहतीं. कभी-कभी तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिलती है. इसलिए विशेषज्ञ छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करने की सलाह देते हैं, ताकि जोखिम कम हो.
शादी-ब्याह के सीजन पर असर
भारत में सोने की खरीदारी का सीधा संबंध शादी-ब्याह और त्योहारों से भी होता है. जब भाव बढ़ते हैं, तो कई परिवार अपनी खरीदारी टाल देते हैं या कम वजन के गहने खरीदना पसंद करते हैं. लेकिन जिन घरों में शादी की तैयारियां चल रही होती हैं, वहां सोने की डिमांड बनी रहती है.
इस बार कीमतों में तेजी से बजट पर असर पड़ सकता है. खासकर उन खरीदारों के लिए जो 10 ग्राम या उससे अधिक का आभूषण लेना चाहते हैं. दूसरी ओर, चांदी में आई गिरावट कुछ राहत दे सकती है, क्योंकि लोग गिफ्टिंग और छोटे निवेश के लिए सिल्वर विकल्प की ओर रुख कर सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
गोल्ड और सिल्वर दोनों की कीमतें सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों से भी तय होती हैं. कॉमेक्स, स्पॉट मार्केट, डॉलर की चाल, अमेरिका और यूरोप में आर्थिक डेटा, और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में तनाव की स्थिति सीधे इन धातुओं पर असर डालती है.
1 मई के आसपास भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी ने सोने को सहारा दिया. दूसरी तरफ चांदी पर औद्योगिक मांग से जुड़े संकेत कमजोर रहे, जिससे इसका भाव फिसला. यानी घरेलू बाजार में दिख रही हलचल का सीधा रिश्ता ग्लोबल संकेतों से है.
अभी खरीदें या इंतजार करें
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह फैसला आपकी जरूरत पर निर्भर करता है. अगर खरीदारी शादी या व्यक्तिगत उपयोग के लिए है, तो ज्यादा इंतजार करने से फायदा नहीं होता, क्योंकि रेट और ऊपर जा सकते हैं. लेकिन अगर आपका मकसद निवेश है, तो बाजार की चाल पर नजर रखना बेहतर रहेगा.
चांदी खरीदने वालों के लिए मौजूदा गिरावट एक अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन केवल कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. हमेशा हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और बिल की जांच करें. साथ ही, भरोसेमंद ज्वेलर से ही खरीदारी करें.
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में सोना मजबूत बना हुआ है और निकट भविष्य में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है. हालांकि, बढ़ी हुई कीमतों के बाद कुछ करेक्शन भी संभव है. चांदी में फिलहाल दबाव बना रह सकता है, लेकिन लंबे समय में औद्योगिक मांग बढ़ने पर इसमें सुधार देखने को मिल सकता है.
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे केवल दाम देखकर नहीं, बल्कि अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग और गोल्ड के उपयोग को ध्यान में रखकर फैसला करें. लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से सोना अभी भी भरोसेमंद विकल्प माना जाता है.
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना या चांदी खरीदते समय कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना चाहिए. हमेशा BIS हॉलमार्क देखकर ही सोना खरीदें. ज्वेलर से रसीद जरूर लें और वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज साफ-साफ लिखवाएं. डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी निवेश के लिए देखे जा सकते हैं.
अगर आप गहनों के बजाय निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो 24 कैरेट बेहतर विकल्प माना जाता है. वहीं ज्वेलरी के लिए 22K और 18K ज्यादा उपयुक्त रहते हैं. चांदी खरीदते समय भी उसकी शुद्धता और वजन की जांच करना जरूरी है.
सर्राफा बाजार पर ग्लोबल संकेत
1 मई 2026 को सोना महंगा होने और चांदी में गिरावट आने से बाजार में मिश्रित माहौल बना हुआ है. जहां गोल्ड निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, वहीं चांदी की नरमी कुछ खरीदारों के लिए राहत बन सकती है. दिल्ली समेत देश के अलग-अलग शहरों में 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट में अंतर हो सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा भाव जरूर देखें. मौजूदा समय में सर्राफा बाजार पर ग्लोबल संकेतों का असर साफ दिख रहा है और आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है.
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