8वां वेतन आयोग देरी: केंद्रीय कर्मचारियों को कितना एरियर मिलेगा? सैलरी बढ़ोतरी का पूरा गणित समझें

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है, लेकिन देरी होने पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के रूप में राशि मिलेगी। यूनियन लीडर्स के अनुसार, 7वें वेतन आयोग की तरह पिछली तारीख से भुगतान होगा, जिससे कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर बैक पे प्राप्त होगा।

देरी की संभावना और एरियर का आधार
8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 में गठित हुआ, लेकिन रिपोर्ट जमा करने में 18 महीने लग सकते हैं, जिससे जनवरी 2026 की समयसीमा चूक सकती है। एनसी-जेसीएम लीडर्स का कहना है कि देरी होने पर सरकार 1 जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव देगी, जैसा 7वें आयोग में जुलाई 2016 में लागू होने पर जनवरी 2016 से एरियर दिए गए थे।
सैलरी कितनी बढ़ेगी? फिटमेंट फैक्टर का गणित
फिटमेंट फैक्टर 2.6 से 2.86 तक रहने की उम्मीद है, जो न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 को ₹46,800-₹51,480 तक ले जाएगा। उदाहरण: ₹20,000 बेसिक पे पर 2.86 फैक्टर से नया पे ₹57,200 हो सकता है, प्लस डीए, एचआरए आदि से कुल सैलरी में 25-30% वृद्धि। पेंशनर्स को भी समान लाभ, न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से ₹25,740+ तक।
लाभार्थी और प्रभाव
लगभग 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स इससे लाभान्वित होंगे। देरी से एरियर मिलने पर कर्मचारियों को एकमुश्त राशि मिलेगी, जो खपत और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी।
कैलकुलेशन का आसान फॉर्मूला
नया बेसिक पे = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर। कुल ग्रॉस सैलरी = (नया बेसिक + डीए + एचआरए)। यूनियनों की मांग है कि फिटमेंट 2.86 हो ताकि वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित हो।

