खरमास 2026 खत्म: शादी मुहूर्त कब से? पूरी लिस्ट

नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास 2026 आज समाप्त हो गया है। लाखों भक्तों ने राहत की सांस ली है, लेकिन ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि मांगलिक कार्यों जैसे शादी-विवाह, गृह प्रवेश और नामकरण संस्कार के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। मलमास या अधिकमास के कारण शुभ मुहूर्त 2026 में देरी होगी। इस विस्तृत आर्टिकल में जानें खरमास 2026 की पूरी जानकारी, मलमास का प्रभाव और आने वाले महीनों के विवाह मुहूर्त।

खरमास 2026 क्या है? कब शुरू और समाप्त हुआ?
खरमास हिंदू ज्योतिष में वह समय होता है जब सूर्य किसी राशि में सामान्य 30 दिनों से अधिक समय तक रहता है। खरमास 2026 16 दिसंबर 2025 को शुरू होकर आज 16 जनवरी 2026 को समाप्त हुआ। इस दौरान ग्रहों की स्थिति के कारण मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे धर्मसंकट काल कहा जाता है।
इस अवधि में सूर्य धीमी गति से संचरण करता है, जिससे नक्षत्रों में दोष उत्पन्न होते हैं। प्राचीन ग्रंथों जैसे मुहूर्त चिंतामणि में स्पष्ट उल्लेख है कि खरमास में विवाह या नए उद्यम शुभ नहीं फलते। इस वर्ष खरमास के 32 दिनों में लाखों परिवारों ने अपनी शादियों को टाल दिया। ज्योतिषी पंडित श्रीकांत शर्मा बताते हैं, “खरमास समाप्ति पर गंगा स्नान और सूर्य को अर्घ्य देकर दोष निवारण करें।”
खरमास के प्रमुख प्रभाव:
- विवाह और यज्ञ: पूरी तरह बंद।
- व्यापारिक निर्णय: जोखिम भरे।
- स्वास्थ्य: पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मलमास 2026: खरमास के बाद नया इंतजार क्यों?
खरमास समाप्ति के बाद मलमास 2026 (अधिकमास) शुरू होने वाला है। चंद्र पंचांग में जब सूर्य और चंद्रमा के मास के बीच अतिरिक्त मास आ जाता है, तो उसे मलमास कहते हैं। मलमास 2026 16 फरवरी से 18 मार्च तक चलेगा। इस दौरान भी शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं होंगे।
मलमास का ज्योतिषीय महत्व: यह समय आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम है। पुराणों में वर्णित है कि मलमास में भगवान विष्णु की उपासना से सभी पाप नष्ट होते हैं। लेकिन गृह निर्माण, विवाह या मुंडन जैसे संस्कार निषिद्ध हैं। इस वर्ष मलमास के कारण फरवरी-मार्च शादी का मौसम सूना रहेगा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस समय सत्यनारायण कथा या व्रत करें।
मलमास में शुभ कार्य:
- तीर्थयात्रा और दान।
- जप-तप और व्रत।
- मंदिर निर्माण (व्यक्तिगत नहीं)।
शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त 2026: पूरी लिस्ट और टिप्स
अच्छी खबर! 19 मार्च 2026 से मांगलिक कार्य शुरू होंगे। अप्रैल से जून तक विवाह मुहूर्त 2026 का स्वर्णिम काल रहेगा। ज्योतिष पंचांग के अनुसार, इन तिथियों में लग्न और नक्षत्र शुभ रहेंगे। परिवारों को अभी से बुकिंग शुरू कर देनी चाहिए।
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मार्च 2026 विवाह मुहूर्त
| तारीख | दिन | शुभ लग्न | नक्षत्र |
|---|---|---|---|
| 19 मार्च | गुरुवार | सिंह, तुला | उत्तराषाढ़ा |
| 20 मार्च | शुक्रवार | मेष, वृषभ | पूर्वाषाढ़ा |
| 25-27 मार्च | बुध-शुक्र | मिथुन, कर्क | रोहिणी, मृगशिरा |
अप्रैल 2026: विवाह का मुख्य मौसम
अप्रैल में 15 से अधिक शुभ मुहूर्त हैं। अंकुर योग के साथ ये तिथियां सर्वोत्तम साबित होंगी।
| तारीख | दिन | विशेष योग |
|---|---|---|
| 1-5 अप्रैल | मंगल-शनि | रेवती नक्षत्र |
| 10-15 अप्रैल | बुध-सोम | हस्त, चित्रा |
| 22-28 अप्रैल | गुरु-शुक्र | स्वाति, विशाखा |
मई 2026 मुहूर्त: 5-10, 16-20, 28-30 तारीखें आदर्श। ज्येष्ठ मास में विवाह फलदायी माने जाते हैं। जून में 2-7 और 12-18 तिथियां अंतिम अच्छे अवसर होंगी, क्योंकि उसके बाद वर्षा ऋतु शुरू हो जाती है।
विवाह मुहूर्त चयन टिप्स:
- कुंडली मिलान: गुण मिलान 18 से अधिक हो।
- लग्न शुद्धि: विवाह के 1.5 घंटे पहले चेक करें।
- पंचांग ऐप: Drik Panchang या MyPanchang का उपयोग।
अन्य मांगलिक कार्य: गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण मुहूर्त
गृह प्रवेश 2026: 25 मार्च से शुरू। अप्रैल में पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ।
- प्रमुख तिथियां: 28 मार्च, 4 अप्रैल, 12 मई।
- सलाह: वास्तु शांति करवाएं।
मुंडन संस्कार: 20 मार्च से संभव। मई-जून आदर्श।
नामकरण: हर माह उपलब्ध, लेकिन रोहिणी-उत्तराषाढ़ा नक्षत्र चुनें।
उपनयन मुहूर्त: मई के मध्य से जुलाई तक।
विस्तृत मुहूर्त तालिका:
| कार्य | प्रारंभ तिथि | सर्वोत्तम माह |
|---|---|---|
| गृह प्रवेश | 25 मार्च 2026 | अप्रैल-मई |
| मुंडन | 20 मार्च 2026 | ज्येष्ठ |
| नामकरण | तत्काल | पूर्णिमा तिथि |
खरमास-मलमास दोष निवारण: ज्योतिषीय उपाय
खरमास समाप्ति पर ये उपाय करें:
- सूर्य नमस्कार: 12 बार रोज।
- गंगा जल स्नान: रविवार को।
- दान: गुड़, तिल, कांस्य।
मलमास व्रत: विष्णु सहस्रनाम पाठ। महिलाएं एकादशी व्रत रखें। ज्योतिषी कहते हैं, “ये उपाय ग्रह दोष कम करते हैं और विवाह सुख देते हैं।”
विशेषज्ञ मत: प्रसिद्ध ज्योतिषी डॉ. सोनाली शर्मा के अनुसार, “2026 में शुभ मुहूर्त सीमित हैं, इसलिए जल्दी प्लानिंग करें। वैदिक पंचांग पर भरोसा रखें।”
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: खरमास का मौसम से संबंध
खरमास सर्दियों के अंत में आता है, जब मौसम परिवर्तन से संक्रमण होता है। आयुर्वेद में इसे शीतकालीन दोष कहा जाता है। इस समय ओजोन परत प्रभावित होती है, जिससे स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ज्योतिष और विज्ञान दोनों सलाह देते हैं कि नए कार्य टालें।
परिवारों के लिए प्रैक्टिकल सलाह: शादी प्लानिंग गाइड
शादी की तैयारी अभी शुरू करें:
- वेन्यू बुकिंग: मार्च-अप्रैल के लिए अभी संपर्क।
- कैटरिंग: कीमतें बढ़ने से पहले फिक्स।
- ज्वेलरी: सोने के दाम चेक करें।
- फोटोग्राफर: टॉप आर्टिस्ट बुक करें।
बजट टिप्स:
| मद | अनुमानित खर्च (रुपये) |
|---|---|
| वेन्यू | 5-10 लाख |
| कैटरिंग | 3-5 लाख |
| सजावट | 2-4 लाख |
| फोटो-वीडियो | 1-2 लाख |
डिजिटल प्लानिंग: Shaadi.com या BharatMatrimony पर प्रोफाइल अपडेट करें।
ऐतिहासिक संदर्भ: पिछले वर्षों का ट्रेंड
2025 में खरमास ने 1.2 लाख शादियां टालीं। 2024 में मलमास के बाद रिकॉर्ड शादियां हुईं। 2026 में भी वैसा ही ट्रेंड अपेक्षित। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च-जून में 40% विवाह होते हैं।
सामाजिक प्रभाव: शादी बाजार पर असर
ज्वेलर्स को नुकसान: फरवरी में बिक्री 30% घटी। टेक्सटाइल मार्केट सूना। लेकिन मार्च से बूम आएगा। ब्राइडल इंडस्ट्री को 5000 करोड़ का लाभ होगा।
पाठकों के सवाल: FAQs
Q1: खरमास में प्रेम विवाह संभव?
A: ज्योतिषीय दृष्टि से नहीं, लेकिन कानूनी रूप से हां।
Q2: मलमास में सगाई?
A: सगाई शुभ, लेकिन रिंग एक्सचेंज न करें।
Q3: NRI के लिए मुहूर्त?
A: वैदिक समयानुसार, IST में चेक।
Q4: ऑनलाइन पंचांग कहां?
A: DrikPanchang.com या ProKerala.com।
भविष्य की झलक: चातुर्मास 2026
जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू। तब भोजन-व्रत पर जोर। विवाह नवंबर तक फिर बंद।
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