मोदी का मिशन साउथ 2026: केरल-तमिलनाडु में BJP को कमल खिलाने उतरेंगे PM, विकास की बड़ी सौगातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दक्षिण भारत में ‘मिशन साउथ’ जोर पकड़ रहा है। 23 जनवरी 2026 को केरल और तमिलनाडु दौरे पर वे विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। बीजेपी यहां चुनावी राज्यों में अपनी पैठ मजबूत करने को बेताब है।

मिशन साउथ का राजनीतिक महत्व
बीजेपी दक्षिण भारत में लंबे समय से कमजोर रही है। कर्नाटक में सत्ता खोने के बाद केरल, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी जैसे राज्य अब लक्ष्य हैं। दो महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां डीएमके और एलडीएफ मजबूत हैं। पीएम मोदी का दौरा विकास के जरिए वोटरों को लुभाने की रणनीति है। यह मिशन बीजेपी को ‘उत्तर भारतीय पार्टी’ की छवि से बाहर निकाल सकता है।
केरल दौरा: नवाचार और रेल परियोजनाएं
तिरुवनंतपुरम पहुंचकर पीएम नवाचार केंद्र की नींव रखेंगे। चार नई ट्रेन सेवाएं शुरू होंगी, जो केरल को बेहतर कनेक्टिविटी देंगी। पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड मिलेंगे। ये कदम स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट देंगे। केरल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, और ये परियोजनाएं युवाओं के लिए रोजगार सृजन का वादा करती हैं।
तमिलनाडु में जनसभा और गठबंधन मजबूती
शाम को तमिलनाडु में भव्य जनसभा होगी। एनडीए सहयोगी दलों के नेता शामिल होंगे। 20 हजार करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान संभव है। एआईएडीएमके जैसे दलों से गठबंधन को मजबूत करने का प्रयास है। तमिलनाडु में डीएमके की सत्ता मजबूत है, लेकिन बीजेपी हिंदुत्व और विकास के मुद्दे उठा रही है।
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दक्षिण भारत में बीजेपी की चुनौतियां
दक्षिणी राज्य धर्मनिरपेक्ष और क्षेत्रीय दलों के गढ़ हैं। केरल में एलडीएफ और तमिलनाडु में डीएमके का वर्चस्व है। 2019 लोकसभा में बीजेपी को दक्षिण से सीमित सीटें मिलीं। कर्नाटक हार ने सबक सिखाया। अब संगठन विस्तार और स्थानीय नेताओं पर फोकस है। पीएम मोदी की लोकप्रियता उत्तर में है, दक्षिण में साबित करनी होगी।
विकास परियोजनाओं का विवरण
केरल में रेल परियोजनाएं तिरुवनंतपुरम को चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ेंगी। नवाचार केंद्र स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। तमिलनाडु में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे हाईवे और पोर्ट डेवलपमेंट पर जोर। ये कदम दक्षिणी अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ेंगे। केंद्र सरकार की योजनाएं जैसे आयुष्मान भारत यहां भी लागू हो रही हैं।
चुनावी रणनीति और एनडीए का रोल
एनडीए में जेडी(एस), एआईएडीएमके शामिल हैं। पीएम जनसभा में गठबंधन को एकजुट दिखाएंगे। सोशल मीडिया पर #मिशनसाउथ ट्रेंड कर रहा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी संगठन को मजबूत कर रहे। युवा और महिलाओं पर फोकस रहेगा।
केरल की राजनीति: एलडीएफ vs बीजेपी
केरल में पिनारयी विजयन की सरकार लोकप्रिय है। लेकिन कोविड मैनेजमेंट और अर्थव्यवस्था पर सवाल हैं। बीजेपी आरएसएस के जरिए हिंदू वोटों को एकजुट कर रही। 2021 चुनाव में बीजेपी को 12% वोट मिले। अब लक्ष्य 20% पार करना।
तमिलनाडु: डीएमके की मजबूत पकड़
ममता बनर्जी स्टाइल में स्टालिन सरकार कल्याण योजनाओं पर चल रही। बीजेपी को तमिल अस्मिता का सामना। लेकिन केंद्रीय फंडिंग का मुद्दा उठेगा। चंद्रबाबू नायडू और नीतीश जैसे सहयोगी दक्षिण में मदद करेंगे।
पीएम मोदी की दक्षिणी यात्राओं का इतिहास
2014 से मोदी दक्षिण में सक्रिय हैं। कोच्चि, चेन्नई रैलियां हो चुकीं। राम मंदिर और CAA जैसे मुद्दे उठे। अब विकास केंद्रित अप्रोच। 2024 लोकसभा में दक्षिण से बेहतर प्रदर्शन।
आर्थिक प्रभाव और निवेश
परियोजनाएं 20 हजार करोड़ की हैं। रेल, हाईवे, स्टार्टअप्स से रोजगार बढ़ेगा। दक्षिण GDP में योगदान बढ़ेगा। निवेशक सम्मेलन संभव।
सोशल मीडिया और जनभावना
ट्विटर पर #ModiInKerala ट्रेंडिंग। विपक्ष आलोचना कर रहा। लेकिन समर्थक उत्साहित। यूट्यूब लाइव स्ट्रीमिंग होगी।
भविष्य की संभावनाएं
अगर बीजेपी 10-15 सीटें जीत ले तो राष्ट्रीय संतुलन बनेगा। 2029 लोकसभा के लिए बेस। दक्षिणी विस्तार BJP की प्राथमिकता।
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