नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026: ज्योतिष शास्त्र में पंचक का योग अशुभ माना जाता है, जो चंद्रमा के अंतिम पांच नक्षत्रों—धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती—में गोचर से बनता है।

2026 का पहला पंचक 21 जनवरी को रात 1:35 बजे से शुरू हो चुका है और 25 जनवरी को दोपहर 1:35 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतें।

पंचक 2026 क्या है? पूरी व्याख्या

पंचक हिंदू पंचांग का एक विशेष योग है, जिसमें चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों से गुजरता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस काल में किए गए कार्यों का फल पांच गुना बढ़ जाता है—शुभ हो तो लाभ, लेकिन अशुभ हो तो हानि। 2026 में कुल 12 पंचक आएंगे, जो हर महीने पड़ेंगे। जनवरी का यह पंचक बुधवार से शुरू होने के कारण राजपंचक कहलाता है, जो अपेक्षाकृत कम हानिकारक है।

मान्यता है कि पंचक काल प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और पारिवारिक कलह को बढ़ावा देता है। प्राचीन ग्रंथों जैसे मुहूर्त चिंतामणि में इसका वर्णन मिलता है। इस योग में ग्रहों की नेगेटिव ऊर्जा वातावरण में फैल जाती है, जो दैनिक जीवन को प्रभावित करती है।

जनवरी 2026 पंचक: सटीक तारीखें और समय

वर्तमान पंचक की डिटेल्स इस प्रकार हैं:

  • प्रारंभ: 21 जनवरी 2026, बुधवार, रात 01:35 बजे (20 जनवरी की मध्यरात्रि के बाद)
  • समाप्ति: 25 जनवरी 2026, रविवार, दोपहर 01:35-01:36 बजे
  • अवधि: ठीक 5 दिन
  • नक्षत्र क्रम: धनिष्ठा से रेवती तक

यह समय मकर राशि में पड़ रहा है, जहां शनि का प्रभाव प्रमुख है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में इसका असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
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पंचक 2026 की सभी तिथियां: सालभर की लिस्ट

2026 में पंचक के अन्य महत्वपूर्ण चक्र:

  • 17 फरवरी से 21 फरवरी
  • 16 मार्च से 21 मार्च
  • 12 अप्रैल से 17 अप्रैल
  • 10 मई से 14 मई
  • 6 जून से 11 जून
  • 3 जुलाई से 8 जुलाई
  • 31 जुलाई से 4 अगस्त
  • 27 अगस्त से 1 सितंबर
  • 23 सितंबर से 28 सितंबर
  • 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर
  • 17 नवंबर से 22 नवंबर
  • 14 दिसंबर से 19 दिसंबर

इन तारीखों पर पंचांग ऐप्स जैसे AstroSage या DrikPanchang चेक करें। हर पंचक का समय शहर के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।

पंचक में वर्जित काम: इन्हें कभी न करें

पंचक काल में ये 5 प्रमुख कार्य निषिद्ध हैं, क्योंकि इनका बुरा प्रभाव परिवार पर पड़ता है:

  • घर निर्माण या खरीदी: नींव पूजन, गृह प्रवेश या प्रॉपर्टी डील टालें—आगजनी या क्षति का खतरा।
  • यात्रा: लंबी रोड ट्रिप या नई जगह की यात्रा से दुर्घटना संभव।
  • बाल कटाई/मुंडन: बच्चे या परिवारजन के बाल न कटवाएं—स्वास्थ्य हानि।
  • वस्त्र सिलना/दान: नए कपड़े सिलवाना या दान देना वर्जित।
  • फसल बोना/उपहार देना: किसान भाई खेत न बोएं; उपहार स्वीकार न करें।

अन्य वर्जनाएं: विवाह, मुंडन संस्कार, नामकरण। यदि मजबूरी हो, तो पंचक समाप्ति का इंतजार करें।

पंचक के बुरे प्रभाव: स्वास्थ्य से अर्थव्यवस्था तक

पंचक में अशुभ कार्य पांच गुना बुरे फल देते हैं। संभावित प्रभाव:

  • स्वास्थ्य: बीमारी, चोट या मानसिक तनाव
  • आर्थिक: नुकसान, व्यापार हानि
  • पारिवारिक: झगड़े, संबंध टूटना
  • प्राकृतिक: हादसे, आग या जलप्रलय का भय

ज्योतिषी डॉ. रामेश्वर शर्मा के अनुसार, “शनि की दृष्टि से प्रभाव बढ़ता है। सतर्कता ही सुरक्षा है।” विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों पर असर ज्यादा।

पंचक नाशक उपाय: सरल और प्रभावी टोटके

पंचक दोष से बचने के घरेलू उपाय:

  1. हनुमान चालीसा: रोज 11 बार पाठ करें।
  2. गायत्री मंत्र जाप: 108 बार जपें।
  3. दान: काले तिल, उड़द या सरसों का तेल मंदिर में दान दें।
  4. स्नान: गंगा जल या गोमूत्र से स्नान।
  5. हवन: गुग्गल की धूनी जलाएं।

राजपंचक होने से उपाय जल्दी फल देते हैं। पंडित जी से व्यक्तिगत परामर्श लें।

पंचक और राशियों पर प्रभाव: कौन बचेगा?

  • मेष-कर्क: यात्रा से बचें।
  • सिंह-वृश्चिक: स्वास्थ्य जांच कराएं।
  • मकर-मीन: आर्थिक निर्णय टालें।

2026 में मकर पंचक शनि राशि वालों के लिए सावधानीपूर्ण।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

ज्योतिष को अंधविश्वास न मानें—यह ग्रह चाल पर आधारित है। NASA के चंद्र गोचर डेटा से मेल खाता है। आधुनिक ज्योतिषी इसे ऊर्जा फील्ड मानते हैं।

पंचक के बाद शुभ मुहूर्त: क्या शुरू करें?

25 जनवरी दोपहर बाद से 26 जनवरी तक शुभ। विवाह-ग्रह प्रवेश के लिए चेक करें। अगला पंचक फरवरी में।

FAQ: पंचक 2026 से जुड़े सवाल

प्रश्न: पंचक में शुभ कार्य कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, टालें।

प्रश्न: क्या यात्रा कर सकते हैं?
उत्तर: छोटी दूरी ठीक, लंबी न करें।

प्रश्न: उपाय कितने प्रभावी?
उत्तर: 90% सफलता दर।

पंचक पंचांग का हिस्सा है—जागरूक रहें। कमेंट में अपनी राशि बताएं!
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