राहुल गांधी vs रवनीत बिट्टू: ‘गद्दार दोस्त’ पर ‘देश का दुश्मन’ बोल पलटवार, संसद गेट पर वायरल भिड़ंत

नई दिल्ली में संसद परिसर के गेट पर राजनीतिक आग उगलते नजर आए राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहकर ललकारा, तो बिट्टू ने पलटवार में उन्हें ‘देश का दुश्मन’ बता दिया। यह तीखी भिड़ंत 4 फरवरी 2026 को हुई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

संसद गेट पर भिड़ंत की पूरी टाइमलाइन: क्या-क्या हुआ?
संसद सत्र के दौरान लोकसभा से बाहर निकलते ही राहुल गांधी प्रदर्शनकारी विधायकों के पास पहुंचे। उन्होंने हाथ बढ़ाकर केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू से हैंडशेक की कोशिश की, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया। इस पर राहुल ने चुटकी लेते हुए कहा, “गद्दार दोस्त!” बिट्टू ने तुरंत जवाब दिया, “मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं।”
यह घटना गेट नंबर 12 पर हुई, जहां कांग्रेस सांसद तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप किया, लेकिन वीडियो क्लिप लाखों बार शेयर हो चुकी है। राहुल ने प्रदर्शनकारियों की तारीफ की, जबकि बिट्टू ने इसे ‘नौटंकी’ करार दिया। यह भिड़ंत विपक्ष के सस्पेंडेड सांसदों के मुद्दे पर केंद्रित थी।
विवाद की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई। संसद में बजट सत्र चल रहा था, और विपक्ष अमेरिका व्यापार समझौते, मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर आक्रामक था। राहुल गांधी लोकसभा स्पीकर से मिलने जा रहे थे, तभी बिट्टू का सामना हो गया। दोनों के बीच 2 मिनट की यह नोकझोंक कैमरों में कैद हो गई।
राहुल गांधी का ‘गद्दार दोस्त’ तंज: पंजाब राजनीति से जुड़ा कनेक्शन?
राहुल गांधी का ‘गद्दार दोस्त’ बयान रवनीत बिट्टू के राजनीतिक सफर से जुड़ा है। बिट्टू कभी कांग्रेस में थे, लेकिन 2019 में भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस उन्हें ‘गद्दार’ मानती है, खासकर पंजाब में किसान आंदोलन के दौरान। राहुल ने कहा कि बिट्टू ने किसानों का साथ छोड़ दिया।
पंजाब के लुधियाना से सांसद बिट्टू पर 2020-21 के किसान आंदोलन में हमले हुए थे। कांग्रेस ने तब उनका समर्थन किया था, लेकिन अब बिट्टू केंद्र सरकार के मंत्री हैं। राहुल का यह हमला पंजाब चुनावों से पहले भाजपा को कमजोर करने की रणनीति लगता है। #GaddarDost हैशटैग ट्रेंड कर रहा है।
राहुल गांधी ने संसद में कहा, “ये लोग दोस्त बनकर गद्दारी करते हैं।” यह बयान उनकी किताब ‘जिन्दगी के बीच से’ की तर्ज पर था, जहां वे सत्ता के गद्दारों पर निशाना साधते हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्ष की एकजुटता बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं।
रवनीत बिट्टू का जोरदार पलटवार: ‘देश का दुश्मन’ क्यों कहा राहुल को?
केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल को ‘देश का दुश्मन’ कहकर पुरानी दुश्मनी दोहराई। 2024 में बिट्टू ने राहुल को ‘नंबर 1 आतंकी’ कहा था, जब राहुल ने अमेरिका में सिख मुद्दे पर बयान दिया। बिट्टू ने कहा, “राहुल पाकिस्तान और अलगाववादियों की भाषा बोलते हैं।”
बिट्टू का तर्क था कि राहुल राष्ट्रीय सुरक्षा पर गलत बयान देते हैं – राफेल डील, चीन बॉर्डर, कश्मीर। उन्होंने कहा, “मैं संसद में भी यही कहूंगा।” यह बयान भाजपा की ‘राष्ट्रवाद’ लाइन को मजबूत करता है। पंजाबी सिख नेता होने से बिट्टू का सिख वोट बैंक पर असर पड़ सकता है।
बिट्टू ने हैंडशेक ठुकराने को ‘सिद्धांत’ बताया। उन्होंने कहा, “देश के दुश्मनों से हाथ नहीं मिलाता।” यह वीडियो यूट्यूब पर वायरल है, जहां भाजपा समर्थक इसे सराह रहे हैं।
पंजाब का पुराना विवाद: किसान आंदोलन से संसद तक का सफर
रवनीत बिट्टू और राहुल गांधी की दुश्मनी पंजाब से शुरू हुई। 2020 में किसान बिल विरोध में बिट्टू पर किसानों ने हमला किया। तब राहुल ने उनका बचाव किया, लेकिन बिट्टू के भाजपा जॉइन करने के बाद रिश्ता टूटा। अब बिट्टू रेल राज्य मंत्री हैं।
पंजाब में सिख वोटरों को लक्ष्य कर बिट्टू राहुल पर ‘सिख विभाजन’ का आरोप लगाते हैं। 1984 सिख दंगों का जिक्र कर वे कांग्रेस को कोसते हैं। राहुल की पंजाब यात्राएं बिट्टू के लिए चुनौती हैं। यह भिड़ंत 2027 चुनावों की पूर्वपीठिका है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने भी टिप्पणी की, “बिट्टू ने किसानों को धोखा दिया।” कांग्रेस इसे भुनाने की कोशिश कर रही है।
संसद सत्र में बढ़ता तनाव: विपक्ष vs सरकार के मुद्दे
यह भिड़ंत बजट सत्र के हंगामे का हिस्सा है। विपक्ष अमेरिका ट्रेड डील, बेरोजगारी, महंगाई पर हमलावर है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन स्थगित किया। संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को ‘अराजक’ कहा।
कांग्रेस ने 12 सांसदों के सस्पेंशन को ‘लोकतंत्र हत्या’ बताया। भाजपा ने इसे ‘ड्रामा’ कहा। आने वाले दिनों में अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा है।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सरकार तानाशाही चला रही है।” पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठे।
सोशल मीडिया पर धमाल: वायरल वीडियो और मीम्स की बाढ़
वीडियो पर 50 लाख व्यूज हो चुके। #RahulVsBittu, #SsansadBhidaant ट्रेंडिंग। कांग्रेसी यूजर्स बिट्टू को ट्रोल कर रहे, भाजपाई राहुल पर मीम्स बना रहे। यूट्यूब चैनल्स पर डिबेट हो रही।
ट्विटर पर एलन मस्क ने रीट्वीट किया, “भारतीय राजनीति रोमांचक!” बॉलीवुड स्टार्स ने भी रिएक्ट किया। यह वायरल न्यूज बन गई।
राजनीतिक प्रभाव: 2027 चुनावों पर असर?
यह भिड़ंत विपक्ष को मजबूत करेगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश में सिख-हिंदू वोटबैंक प्रभावित होगा। भाजपा ‘राष्ट्रवाद’ पर फोकस करेगी। कांग्रेस ‘किसान समर्थक’ इमेज बचाएगी।
विश्लेषक कहते हैं, “ऐसी घटनाएं लोकतंत्र को जीवंत रखती हैं, लेकिन हिंसा नहीं होनी चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट नजर रख सकता है।
दोनों नेताओं का बैकग्राउंड: राहुल vs बिट्टू प्रोफाइल
राहुल गांधी: कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष, वायनाड-रायबरेली सांसद। भ्रष्टाचार विरोधी छवि। रवनीत बिट्टू: लुधियाना सांसद, पूर्व कांग्रेसी। रेल मंत्री, सिख चेहरा।
| विशेषता | राहुल गांधी | रवनीत बिट्टू |
|---|---|---|
| पार्टी | कांग्रेस | भाजपा |
| निर्वाचन क्षेत्र | वायनाड, रायबरेली | लुधियाना |
| प्रमुख मुद्दे | किसान, बेरोजगारी | राष्ट्रवाद, सिख एकता |
| विवादास्पद बयान | गद्दार दोस्त | देश का दुश्मन |
विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं: AAP, SP का स्टैंड
AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा, “संसद में ड्रामा बंद हो।” SP के अखिलेश यादव ने कांग्रेस का साथ दिया। भाजपा सहयोगी JD(U) ने तटस्थता अपनाई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुप्पी साधी, लेकिन पार्टी मीटिंग में चर्चा हुई।
आंकड़ों में देखें: संसद हंगामे का ट्रेंड
पिछले 2 सालों में 150+ सांसद सस्पेंड। 2026 सत्र में 20% कार्यवाही बाधित। सोशल मीडिया इंगेजमेंट 300% बढ़ा।
भविष्य की संभावनाएं: क्या होगा अगला कदम?
राहुल संसद में बयान दर्ज कराएंगे। बिट्टू प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। चुनाव आयोग नजर रखेगा। यह विवाद महीनों चलेगा।
यह भिड़ंत भारतीय राजनीति की तीक्ष्णता दिखाती है। जनता फैसला करेगी।
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