पश्चिमी UP पर CM योगी की सख्ती: मेरठ-मुजफ्फरनगर में फर्जी वोटिंग पर कड़ी कार्रवाई, SIR अभियान तेज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में फर्जी वोटिंग की शिकायतों पर सख्ती बरतते हुए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत इन जिलों में सबसे अधिक फर्जी वोटरों की पहचान हुई है, जिस पर सीएम ने बूथ स्तर पर कड़ी निगरानी के आदेश दिए।
फर्जी वोटिंग की शिकायतें क्यों बढ़ीं?
मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आई हैं, जहां विपक्ष के समर्थकों के नाम चुपचाप शामिल करने का आरोप लगा है। सीएम योगी ने अलीगढ़ में भाजपा नेताओं के साथ बैठक में चेतावनी दी कि संगठन को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अपात्र, मृत या बाहरी व्यक्तियों के नाम हटाने और हर पात्र मतदाता को जोड़ने पर जोर दिया गया।
SIR अभियान में क्या हैं मुख्य निर्देश?
11 दिसंबर तक चलने वाले SIR अभियान में दावे-आपत्तियां दर्ज करने और संवेदनशील इलाकों पर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए। भाजपा सांसदों-विधायकों को इस ड्राइव में प्राथमिकता देने को कहा गया, ताकि चुनावी पारदर्शिता बनी रहे। यह कदम पश्चिमी यूपी की कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
घुसपैठियों पर भी कार्रवाई तेज
सीएम योगी ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान तेज करने का संदेश दिया, जनता से पहचान सत्यापन की अपील की। अवैध नागरिकों को बर्दाश्त न करने की नीति साफ की, जो मतदाता सूची शुद्धिकरण से जुड़ी है। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में नया आयाम जुड़ेगा।

