बंद दरवाजा-टूटा ताला: गोंडा इंजीनियर अभिषेक ने क्यों चिपकाईं सोनल की फोटो-चैट? 7 लाख खर्च, ब्लैकमेल और सुसाइड की सनसनीखेज कहानी

गोंडा: उत्तर प्रदेश के इस सनसनीखेज मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है, जहां एक पढ़े-लिखे इंजीनियर ने प्यार के नाम पर धोखे और ब्लैकमेल की चपेट में आकर अपनी जान दे दी।

घटना की पूरी समयरेखा
17 दिसंबर 2025 की दोपहर करीब 2 बजे अभिषेक श्रीवास्तव के घर का दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन ताला बाहर टूटा पड़ा था। बहन ने दरवाजा खटखटाया, कोई जवाब न मिलने पर शक हुआ और स्थानीय पुलिस को बुलाया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो भयानक नजारा सामने आया—अभिषेक छत के पंखे से लटका हुआ था, मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था, हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए। कमरे की चारों दीवारें सोनल सिंह की फोटोज, व्हाट्सएप चैट्स, वीडियो कॉल स्क्रीनशॉट्स और नोट्स से पटी हुईं थीं, जिनमें साफ लिखा था “सच सबको जानना चाहिए” और “ये मेरी आखिरी आवाज है”।
अभिषेक का बैकग्राउंड और करियर
32 वर्षीय अभिषेक श्रीवास्तव बीटेक और एमबीए पास इंजीनियर था, जो गोंडा के गायत्रीपुरम कॉलोनी में अपनी बहन के साथ रहता था। वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और आर्थिक रूप से मजबूत था। पड़ोसियों के मुताबिक, वह शांत स्वभाव का और मेहनती युवक था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उदास और अकेला रहने लगा था।
सोनल सिंह से दोस्ती का सफर
सोनल सिंह अभिषेक के ठीक सामने वाले घर में अपने पति अजीत सिंह और दो बच्चों के साथ रहती थी। लगभग 6 महीने पहले अभिषेक ने अपने घर के बाहर “अभिषेक श्रीवास्तव, मोबाइल नंबर” लिखा था। सोनल ने संपर्क किया—शुरू में सामान्य बातें हुईं, धीरे-धीरे रिश्ता गहरा हो गया और अफेयर शुरू हो गया। अभिषेक ने सोनल को महंगे गिफ्ट्स दिए—स्मार्टफोन, ज्वेलरी, कपड़े—और नकद पैसे भी दिए, कुल खर्च करीब 7 लाख रुपये। चैट्स में सोनल खुद को “अकेली” बताती थी और अभिषेक को प्यार का भरोसा देती थी।
ब्लैकमेलिंग का खौफनाक खेल
अजीत सिंह को अफेयर का पता चला तो पहले छोटे-मोटे झगड़े हुए। फिर पति-पत्नी ने मिलकर अभिषेक को फंसाना शुरू कर दिया—10 लाख रुपये मांगे, नहीं देने पर रेप का झूठा केस दर्ज करवा दिया। अभिषेक जेल गया, जमानत पर बाहर आया, लेकिन ब्लैकमेल बंद न हुआ। दोनों ने वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग्स का हथियार बनाया—पैसे न देने पर फैमिली को भेजने की धमकी दी, FD तोड़ने या प्रॉपर्टी बेचने को मजबूर किया। चैट्स में साफ लिखा था “पैसे दे दो वरना सब बर्बाद”।
पुलिस की जांच और परिवार का गम
पुलिस ने सभी प्रिंटआउट्स जब्त कर लिए हैं और फॉरेंसिक जांच कर रही है। अभिषेक के चचेरे भाई उद्भव श्रीवास्तव ने बताया कि वह महीनों से मानसिक रूप से टूट चुका था और परिवार को कुछ नहीं बताया। SSP गोंडा डॉ. ध्रुव कुमार ने कहा कि मामला ब्लैकमेल, धोखाधड़ी और आत्महत्या को उकसाने का है—सोनल और अजीत के खिलाफ FIR दर्ज होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुसाइड की पुष्टि हुई।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया—#JusticeForAbhishek ट्रेंड कर रहा है। लोग शादीशुदा महिलाओं के अफेयर और ब्लैकमेल पर बहस कर रहे हैं, वीडियो वायरल हो चुके हैं। अभिषेक के दोस्तों ने कहा कि वह कभी हार मानने वाला नहीं था, लेकिन इस धोखे ने तोड़ दिया। पुलिस ने अपील की है कि फर्जी अफेयर से बचें और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

