योगी सरकार ने महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने वाला बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत फैक्ट्री अधिनियम 1948 में संशोधन कर महिलाओं को नाइट शिफ्ट (रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके साथ उनके सुरक्षा के लिए कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

अब महिलाएं अपनी इच्छानुसार नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी। इसके लिए उनकी लिखित सहमति जरूरी होगी। अगर कोई महिला नाइट शिफ्ट में काम नहीं करना चाहती, तो उसे नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा।

मुफ्त परिवहन सुविधा

सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को मुफ्त परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही फैक्ट्री या कार्यालय में भोजन, शौचालय और चेंजिंग रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा, महिलाओं की संख्या नाइट शिफ्ट में कम से कम चार होनी चाहिए, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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यौन उत्पीड़न शिकायत

अगर किसी महिला के साथ किसी भी तरह का यौन उत्पीड़न या अन्य किसी समस्या की शिकायत आती है, तो सरकार फौरन कार्रवाई करेगी। यह नियम महिलाओं को समान अवसर देने और उनके काम करने के माहौल को सुरक्षित बनाने के लिए लागू किया गया है।

समाज में सकारात्मक बदलाव

इससे महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और प्रदेश में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। यह नया नियम हाल ही में लागू हुआ है और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बिंदु

  • महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य होगी।
  • बिना सहमति के किसी महिला को नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
  • नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए मुफ्त परिवहन की व्यवस्था करनी होगी।
  • कार्यस्थल पर भोजन की सुविधा, सुरक्षित शौचालय व चेंजिंग रूम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुपरविजन होना चाहिए।
  • यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और शिकायत तंत्र बनाया जाएगा।
  • नाइट शिफ्ट में कम से कम 4 महिला कर्मचारी एक साथ कार्य करेंगी।
  • नाइट शिफ्ट से इनकार करने पर किसी महिला कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।

प्रभाव:

यह कदम प्रदेश में 10 लाख करोड़ के निजी निवेश के लक्ष्य को बढ़ावा देगा और महिलाओं को काम के समान अवसर उपलब्ध कराएगा। इससे महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और रोजगार के विकल्प बढ़ेंगे।

यह निर्णय महिलाओं को समान कार्य अवसर देने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

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